चारधाम यात्रा के अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न और यात्रा टिप्स

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चारधाम क्या है ? और इसका महत्व:

हिन्दू धर्म में चारधाम यात्रा को शुभ व पवित्र क्यों माना जाता है ?

गढ़वाल क्षेत्र, उत्तराखंड व हिमालय की घाटियों में स्थित पवित्र स्थान है| गढ़वाल में स्थित चारो धाम के मंदिर चार पवित्र नदियों से जुड़े हुए है, या कहें यह चारों मंदिर चार पवित्र नदी के तट पर बने हुए है जैसे- यमुनोत्री (यमुना नदी के समीप), गंगोत्री (गंगा नदी के समीप), केदारनाथ (मन्दाकिनी नदी के समीप), और बद्रीनाथ (अलकनंदा नदी के समीप) | हिन्दू दर्शन की मान्यता के अनुसार, चार धाम की यात्रा सम्पूर्ण जीवन काल की सबसे पवित्र व शुभ यात्रा मानी गयी है ऐसा माना जाता है कि जीवन एवं मृत्यु के जटिल चक्र से मुक्त होने के लिए उपाय के रूप में यह यात्रा की जाती है जहाँ व्यक्ति अपने सम्पूर्ण जीवन काल में किए गए पापों को धोकर, कर्मों के बंधन से मुक्त हो जाता है |  

चारधाम यात्रा को पूरा करने का सही क्रम क्या है ?

चारधाम यात्रा उत्तराखंड के प्रारम्भ छोर दक्षिणावर्त दिशा में यमुनोत्री से प्रारम्भ होकर, गंगोत्री, केदारनाथ के दांई ओर बद्रीनाथ अंतिम छोर है, यहीं इसका सही क्रम माना गया है |

चारधाम यात्रा के संचालन की तिथियाँ और अनुसूची :

चारधाम यात्रा कब और कैसे शुरू होती है?

चारधाम यात्रा दक्षिणावर्त दिशा में, यमुनोत्री से प्रारम्भ होकर, गंगोत्री, व उसके बाद केदारनाथ से होकर बद्रीनाथ पर अंतिम विराम दिया जाता है।

यमुनोत्री मंदिर

यमुनोत्री धाम की यात्रा 26 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर, सभी आगंतुकों / तीर्थयात्रियों के लिए खुलती है और प्रत्येक  वर्ष दीपावली के तीसरे दिन भाई दूज पर अंतिम पूजा करके यात्रा को विराम दिया जाता है|

गंगोत्री मंदिर

गंगोत्री धाम की यात्रा 26 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर, सभी आगंतुकों / तीर्थयात्रियों के लिए खुलती है और प्रत्येक वर्ष दीपावली के तीसरे दिन भाई दूज पर अंतिम पूजा करके यात्रा को विराम दिया जाता है|

केदारनाथ मंदिर

केदारनाथ मंदिरों के द्वार अक्षय तृतीया के कुछ दिनों के बाद खुलते हैं और प्रत्येक वर्ष दीपावली के तीसरे दिन भाई दूज पर अंतिम पूजा करके यात्रा को विराम दिया जाता है|

बद्रीनाथ मंदिर

बद्रीनाथ मंदिर के द्वार प्रत्येक वर्ष अक्षय तृतीया के कुछ पश्चात  आगंतुकों /तीर्थयात्रियों  के लिए अपना द्वार खोलते है और प्रत्येक वर्ष विजयदशमी यानि दशहरे वाले दिन यात्रा को विराम दिया जाता है|

वर्ष 2020 में चारधाम यात्रा के उद्घाटन/ प्रारंभ और समापन की तारीखें का विवरण इस प्रकार है –

क्रम.स.चारधामखुलने की तिथिसमापन की तिथि
1 यमुनोत्री 26 अप्रैल 2020 16 नवम्बर 2020
2 गंगोत्री 26 अप्रैल 2020 15 नवम्बर 2020
3 केदारनाथ 29 अप्रैल 2020 16 नवम्बर 2020
4 बद्रीनाथ 15 मई 2020 25अक्टूबर 2020

प्रत्येक धाम पर दर्शन व आरती का समय क्या होता है ?

प्रत्येक धाम में मंदिरों के दर्शन का समय इस प्रकार उल्लेखनीय है –

यमुनोत्री: 

सभी तीर्थयात्रियों के लिए, यमुनोत्री मंदिर खुलने का समय प्रात: 6:00 बजे है तथा बंद होने समय रात्रि 8:00 बजे। 

यमुनोत्री में आरती का समय प्रात: 6:30 बजे और सांय: 7:30 बजे होता है ।

गंगोत्री :

गंगोत्री मंदिर खुलने का समय प्रात: 6:15 बजे है और सभी तीर्थयात्री दोपहर 2:00 बजे तक दर्शन करने की अनुमति है। दोपहर के समय       2:00 -3:00 बजे तक मंदिर के द्वार बंद रहते हैं | तत्पश्चात दोपहर 3:00 बजे से 9:30 बजे तक दर्शन हेतु मंदिर खुला रहता है| 

केदारनाथ :

केदारनाथ मंदिर में प्रातकाल: की पूजा 4:00 बजे से प्रारंभ होकर प्रात: 7:00 बजे तक संचालित होती है, इस दौरान आप पूजा में शामिल हो सकते हैं। तत्पश्चात मंदिर में दर्शन प्रात: 7:00 से दोपहर 1:00 बजे तक जारी रहते है| तीन घंटे के अन्तराल के बाद सायं: 4:00 बजे से मंदिर के द्वार पुन: खुलते है और रात में 9:00 बजे तक दर्शन होते है|

बद्रीनाथ:

बद्रीनाथ मंदिर में पूजा सुबह 4:30 बजे शुरू होती है और 6:30 बजे तक संचालित होती है। उसके बाद तीर्थयात्री मंदिर में प्रवेश करके सुबह 7:00 बजे से, दोपहर 1:00 बजे तक दर्शन कर सकते है। दोपहर में मंदिर 3 घंटे के लिए बंद रहने के पश्चात, पुन: सायं 4:00 बजे खुलता है और रात तीर्थयात्रियों के दर्शन के बाद 9:00 बजे बंद हो जाता है

चार धाम यात्रा पर जाने के लिए सबसे उत्तम  व सुरक्षित समय कौन- सा है?

चारधाम यात्रा एक तीर्थयात्रा है जिसमें देश/ विदेश से बढ़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी पूरी आस्था व निष्ठा के साथ इस यात्रा में को करते है |  

हिमालय की मध्य छोटी में बसा उत्तराखंड प्राक्रतिक सौन्दर्य के साथ, धार्मिक स्थल के लिए उतना ही व्यख्यात है| गढ़वाल में स्थित चारों धाम (गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ, व केदारनाथ ) की  यात्रा वर्ष में 6 माह के खुली रहती है|  तीर्थयात्री अप्रैल से अक्टूबर माह तक यात्रा कर सकते है| तथा सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण यात्रा बंद हो जाती है और गर्मियों के दौरान पुन: खुलती है।

चारधाम तीर्थयात्रा यात्रा करने का सबसे उतम समय अप्रैल से जून तक के मध्य है तथा गर्मियों के समय के पश्चात माह  सितम्बर से नवम्बर के बीच का समय भी उपयुक्त माना जाता है|  मानसून के समय जून व जुलाई यात्रा के लिए उपयुक्त नहीं होते है इस दौरान यात्रा करना सुरक्षित नहीं समझा जाता है | क्यूंकि पहाड़ों इलाकों में बरसात के समय  व भारी बारिश का खतरा बढ़ जाता है और कई रास्तों पर अवाहगमन को रोक दिया जाता है| इसीलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आप सही माह/ मौसम का चुनाव करके, पूर्व ही अपनी चारधाम यात्रा की बुकिंग सुनिश्चित कर ले और यात्रा समबधि विस्तृत जानकारी हेतु अपने यात्रा ऑपरेटर से संपर्क करें|

चारधाम पंजीकरण की प्रक्रिया :

क्या चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण आवश्यक है?

सभी तीर्थयात्रियों  की संख्या का व्यवस्थित ब्यौरा रखने के लिए पंजीकरण आवश्यक है| किसी भी प्रकार की आपातकालीन और निकासी की स्थिति में मददगार होगी| चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण के दो प्रक्रियाएं है – ऑफलाइन और ऑनलाइन पंजीकरण|  

ऑफलाइन पंजीकरण 

ऑफलाइन पंजीकरण के लिए कुल 14 केंद्र है | आप किसी भी केंद्र में जाकर हमारे यात्री व्यवस्थापक ऑपरेटर या स्वयं के सहयोग के आसानी से कर सकते है| 

 यात्रा सम्बन्धी पंजीकरण हेतु 14 स्थान इस प्रकार है :- 

नोट: उपरोक्त सभी केंद्रों पर उचित बायोमेट्रिक पंजीकरण प्रक्रिया उपलब्ध है आपको केवल अपनी चारधाम यात्रा के स्थान का चयन कर रजिस्टर करना है  जिस यात्रा के लिए आप पंजीकरण कर रहे है| उसकी पूरी योजना बनाकर, उस यात्रा स्थान के लिए निर्दिष्ट करें अथार्त चारधाम या एक धाम |  पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात, आपको केंद्र से ‘यात्रा कार्ड’  मिलेगा जिसे आप पूरी यात्रा के दौरान अपने साथ ही रखे.

चारधाम यात्रा के लिए स्थान रजिस्टर काउंटर
हरिद्वार रेलवे स्टेशन
हरिद्वार पंडित दीनदयाल उपाध्य पार्किंग
ऋषिकेश रोडवेज बस स्टैंड
ऋषिकेश हेमकुंड गुरुद्वारा
जानकी चट्टी जानकी चट्टी
गंगोत्री गंगोत्री
गुप्तकाशी गुप्तकाशी
फाटा फाटा
सोनप्रयाग सोनप्रयाग
केदारनाथ केदारनाथ
पान्दुकेश्वर पान्दुकेश्वर
गोविन्दघाट गोविन्दघाट
उत्तरकाशी हीना
उत्तरकाशी दोबाटा

ऑनलाइन पंजीकरण :

ऑनलाइन पंजीकरण करने का एक सरल और आसान तरीके इस प्रकार है :- 

चरण- 1 :  आप गढ़वाल मंडल विकास निगम की ऑफशियल वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरें|

चरण- 2 :  आपके ईमेल पर एक सत्यापन लिंक भेजा जायेगा और आप उस लिंक पर क्लिक करके सक्रिय कर सकते है और आसानी से लॉग इन कर सकते है | 

चरण-3 :  “ बुक टू दर्शन” के लिंक पर क्लिक करें 

चरण-4 :  एक नई बुकिंग विंडो खुलेगी जिसमें से आगन्तुक/ तीर्थयात्री अपने आने-जाने के स्थान का चयन कर सकते है और आसानी से लॉग इन कर सकते है| 

चरण-5 : आप अपने पंजीकरण की पुष्टि कर सकते है और भुगतान कर सकते है| 

चारधाम यात्रा की समय अवधि

चारधाम यात्रा के लिए कितना समय चाहिए ?

सामान्य तौर पर चारयात्रा का समय सड़क मार्ग से लगभग 10-11 दिन और हेलीकाप्टर के माध्यम से 4-5 दिन का होता है| जिसके माध्यम से यात्रा को पूरा किया जा सकता है। तथा आप एक धाम की यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर के विकल्प चुनकर एक धाम की यात्रा भी कर सकते हैं।

सड़क मार्ग द्वारा चारधाम यात्रा अवधि क्या है?

  • नई दिल्ली से वापसी नई दिल्ली तक: कुल ग्यारह रातें और बारह दिन में चारधाम स्थलों पर यात्रा को पूरा करते है।
  • देहरादून/हरिद्वार/ऋषिकेश से नौ रातें और दस दिन में सभी चारधाम स्थलों की यात्रा को पूरा कर, नई दिल्ली की वापसी हो जाती है|

सड़क मार्ग द्वारा दो धाम (केदारनाथ और बद्रीनाथ ) यात्रा की अवधि क्या है?

  • हरिद्वार से वापसी हरिद्वार तक: पांच रातें और छह: दिन 
  • नई दिल्ली से वापसी नई दिल्ली तक:  छह: रातें  और सात दिन 

सड़क मार्ग द्वारा दो धाम (गंगोत्री और यमुनोत्री ) यात्रा की अवधि क्या है?

  • हरिद्वार से वापसी हरिद्वार तक: पांच रातें और छह: दिन 
  • नई दिल्ली से वापसी नई दिल्ली तक:  छह: रातें  और सात दिन 

हेलीकाप्टर द्वारा नियमित चारधाम यात्रा की अवधि क्या है ?

देहरादून से सहस्त्रधारा देहरादून हेलिपैड तक  : चार रातें और पांच दिन 

हेलीकाप्टर द्वारा नियमित दो धाम (केदारनाथ और बद्रीनाथ ) यात्रा की अवधि क्या है ?

देहरादून से सहस्त्रधारा देहरादून हेलिपैड तक:  आप एक ही दिन केदार और बद्री यात्रा हेलीकाप्टर से पूरी कर सकते है  

यमुनोत्री धाम के ट्रैक/पैदल पथ की यात्रा कब और कैसे किया जाता है ? 

जानकी चट्टी से यमुनोत्री पैदल पथ की दूरी लगभग 6 किलोमीटर की है| तथा आप पालकी / दांडी / कंडी और खच्चर / पोनी को बुक करके यात्रा कर सकते हैं। जानकी चट्टी से यमुनोत्री तक इन सुविधाओं की लागत इस प्रकार है-

दांडी की लागत लगभग – 1900 रूपये प्रति व्यक्ति 

कांडी का किराया लगभग-  840 रुपये प्रति व्यक्ति 

पोनी का किराया लगभग – 640 रुपये प्रति व्यक्ति 

केदारनाथ धाम के ट्रैक/पैदल पथ की यात्रा कब और कैसे किया जाता है ? 

केदारनाथ ट्रैक की दूरी लगभग 16 किलोमीटर है, यह पैदल मार्ग या ट्रैक गौरीकुंड से शुरू होता है और केदारनाथ मंदिर पर समाप्त होता है। गौरीकुंड तक पहुंचने के लिए आप सोनप्रयाग से टैक्सी ले सकते हैं यानी लगभग 6 किलोमीटर की यात्रा आप टैक्सी के माध्यम से पूरी कर सकते है और फिर वहां से आगे की ओर आप केदारनाथ के लिए पैदल पद यात्रा शुरू कर सकते हैं।

Route Trek from Gaurikund To Kedarnath approx 16 Kilometer

Gaurikund – 6 kms → Rambara Bridge – 4 kms → Jungle Chatti – 3 kms → Bheembali – 4 kms → Linchauli – 4 kms → Kedarnath Base Camp – 1 kms → Kedarnath Temple

चारधाम यात्रा हेतु रहने-खाने व यातायात परिवहन की व्यवस्था :

चारधाम यात्रा के लिए सबसे निकटतम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कहाँ स्थित है ?

चारधाम यात्रा के लिए निकटतम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा नई दिल्ली में स्थित ‘इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा’(IGI) है।

चारधाम यात्रा के लिए निकटतम घरेलू (Domestic) हवाई अड्डा कहाँ स्थित है?

चारधाम यात्रा के लिए निकटतम हवाई अड्डा देहरादून हवाई अड्डा यानी जॉली ग्रांट हवाई अड्डा है जहाँ से आप चारधाम की यात्रा शुरू कर सकते हैं।

चारधाम यात्रा के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन कहाँ स्थित है?

चारधाम यात्रा शुरू करने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन हरिद्वार जंक्शन व देहरादून जंक्शन रेलवे स्टेशन है।

चारधाम यात्रा के लिए निकटतम अंतर राज्य बस टर्मिनल कहाँ स्थित है?

आपकी चारधाम यात्रा यात्रा शुरू करने के लिए निकटतम, हरिद्वार/देहरादून/ऋषिकेश (अंतर राज्य बस टर्मिनल ) है।

क्या व्यक्तिगत तौर पर स्वयं चारधाम यात्रा करने हेतु नई दिल्ली से बस लेकर कर सकता हूँ ?

नई दिल्ली से चारधाम यात्रा के लिए कोई सीधी बस सेवा नहीं है। हरिद्वार,ऋषिकेश या देहरादून के लिए आप नई दिल्ली इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) से उत्तराखंड बस सेवा ले सकते है| उत्तराखंड से चारधाम स्थलों ले लिए सीधे बस सेवाएं लेना उचित नहीं है| इसके लिए आप निजी टैक्सी बुक करनी चाहिए या यात्रा परामर्शकर्ता से सलाह लेनी चाहिए ।

क्या स्वयं व्यक्तिगत रूप से चारधाम / दो धाम व एक धाम यात्रा कर सकता हूँ ? 

व्यक्तिगत तौर पर, चारधाम यात्रा करना इतना सरल और सुरक्षित नहीं माना जाता है| आप अपने दोस्तों के साथ चारधाम यात्रा की योजना बना सकते हैं| यदि आप अपने परिवार, बच्चों और बुजुर्गो के साथ यात्रा कर रहे है, तो चारधाम यात्रा करना इतना विश्वसनीय व उचित नहीं है| चूँकि अधिकांश होटल और आवास स्थल चारधाम ऑपरेटर द्वारा बुक कर लिए जाते है| इसके लिए आप एक विश्वसनीय यात्रा-ऑपरेटर की सहायता लेकर या उनके माध्यम से चारधाम यात्रा का पूरा ब्यौरा लेकर, बुक करने की सलाह ले सकते है| केवल दो धाम (गंगोत्री व गंगोत्री) के लिए वाहन(टैक्सी या बस) के माध्यम से सुलभता के साथ पहुंचा जा सकता है| तथा अन्य शेष दो धाम (यमुनोत्री व केदारनाथ) के विशेष योजना और उचित व्यवस्था की योजना आवश्यक है| जब यात्रा अपने चरम समय पर होती है आपका ध्यान इस ओर दिलवाना चाहते है कि उस समय होटल/ आवासीय स्थल और यातायात परिवहन के लिए यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है| जिसके लिए आप चारधाम ट्रेवल परामर्शकर्ता के माध्यम से बुकिंग कर सकते है और साथ ही उनके पास आपके बजट अनुसार (आवासीय) कई पैकेज उपलब्ध होते है जिनका चयन आप करके अपनी बुकिंग सुनिश्चित कर सकते है | तथा आप अपनी सुविधा अनुसार, विश्वसनीय यात्रा ऑपरेटर के माध्यम से टैक्सी व हेलीकाप्टर का विकल्प भी चुन सकते है|    

उत्तराखंड के चारधाम के लिए सड़क मार्ग की स्थिति कैसे है ?

2013 की केदारनाथ आपदा के बाद, केंद्र सरकार द्वारा महत्वाकांक्षी परियोजना आरम्भ की गई,  जिससे पहले की तुलना में सड़कें काफी व्यापक और बेहतर हुई हैं। इस “ चारधाम ऑल वेदर हाईवे प्रोजेक्ट(All whether highway Project)” की लागत लगभग 12,000 करोड़ रुपये है जो केवल उत्तराखंड चारधाम के चार सबसे प्रमुख्य तीर्थस्थलों के लिए सड़क संपर्क मार्ग को बेहतर बनाने के लिए है |   

चारधाम यात्रा मार्ग को महामार्ग के रूप में जाना जाता है|  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 दिसम्बर 2016 को आपदा के दौरान दो राजमार्ग 900 किलोमीटर सबसे जयादा क्षतिग्रस्त हुए थे उनको पुन: ठीक करने की धोषणा की गयी | इस राजमार्ग की परियोजना में 12 बाईपास सड़कें, 15 बड़े फ्लाईओवर, 3,596 पुलियां, 2 बड़ी सुरंग और 101 छोटी सुरंग शामिल है|  

“ऑल वेदर हाईवे प्रोजेक्ट” के तहत बनने वाली सभी सड़कों को, हिमालय के सबसे कठिन जलवायु का सामना करने अनुकूल माना जाता है | जो वर्तमान में होने वाली सभी भौगोलिक चुनौतियों का सामना कर सकती है|

क्या मैं स्वयं चारधाम की यात्रा अपने निजी वाहन द्वारा कर सकता हूँ?

चारधाम की यात्रा  जब अपने चरम सीमा पर होती है उस दौरान स्वयं ड्राइविंग से बचने की सलाह जाती है | जिसका कारण यह समतल सड़कमार्ग में वाहन चलाने और पर्वतीय मार्ग पर वाहन चलाने में अंतर होता है पर्वतीय क्षेत्रों में ऊँचाई वाली सड़के इतनी अनुकूल नही होती है खासकर शहरी परिवहन चालकों के लिए | इसके लिए जरुरी है आप किसी पर्वतीय व प्रोफेशनल परिचालक के साथ ही यात्रा करें | जिसे आप चारधाम टैक्सी ओपरेटर के माध्यम से बुक कर सकते है|

चारधाम मार्ग पर उपलब्ध आवास के प्रकार किस प्रकार से है ?

चारधाम यात्रा के दौरान उपलब्ध आवास धर्मशाला, लॉज, आश्रम, गेस्ट हाउस, टेंट, शिविर, होटल और रिसॉर्ट हैं। आप अपनी पसंद और बजट के अनुसार आवास का चयन कर सकते हैं। यदि आप अपने परिवार और बुजुर्ग सदस्य के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो आपको चारधाम टूर ऑपरेटर के साथ होटल और आवास बुक करने की सलाह ले सकते है  तथा  ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से, अपने बजट के अनुसार चारधाम यात्रा पैकेज चुनने का लाभ ले सकते है  जिसमें होटल,भोजन की व्यवस्था, टैक्सी-सेवा, हेलीकॉप्टर सेवाओं, शटल हेलीकॉप्टर आदि का चुनाव किया जा सकता है |

 चारधाम यात्रा के दौरान क् क्षेत्रों में किस तरह का भोजन उपलब्ध होता है ?

सभी होटल और रेस्तरां में शाकाहारी भोजन परोसते हैं। साथ ही आप अपने चारधाम यात्रा एजेंट से आवास के साथ भोजन व्यवस्था के विकल्प के लिए भी पूछ सकते है| जो आपके पैसे  में बचत के साथ आपको असुविधा से भी बचाएगा और आप परेशानी मुक्त होकर यात्रा कर पाएंगे |

स्वास्थ्य और सुरक्षा से सम्बंधित जानकारी :

चारधाम  यात्रा के लिए कोई शारीरिक स्वास्थ्य का पैरामीटर है?

यदि आप स्वस्थ और युवा तथा 50 वर्ष से कम आयु के है, तो ऐसा कोई स्वास्थ्य फिटनेस पैरामीटर नहीं है। परन्तु यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग, जो जानकी चट्टी से लगभग 6 किलोमीटर दूर है और केदारनाथ पैदल मार्ग जो लगभग 18 किलोमीटर की दूरी पर है, शारीरिक स्वास्थ्य व फिटनेस मांग करता है। यदि आप अपनी खुद की ट्रेकिंग करने की योजना बना रहे हैं तो आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए। हालांकि पैदल यात्रा मार्ग पर पोनी, बास्केट, पाली, खच्चर की सुविधा उपलब्ध होती है|  तथा केदारनाथ की पदयात्रा से बचने के लिए, शटल हेलिकॉप्टर की सहायता भी ली जा सकती है| यह लम्बा पैदल मार्ग है और मानसिक और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। 

चारधाम यात्रा की सड़क यात्रा में प्रत्येक दिन में  6 से 8 घंटे की ड्राइव की आवश्यकता होती है, ऊंचाई और पहाड़ की बीमारी, मौसम परिवर्तन के कारण,  उन लोगों की स्वास्थ्य की चिंता करना आवश्यक है नियमित तौर पर स्वास्थ्य व तैयार नहीं होते है| हम आपको चारधाम यात्रा की योजना बनाने से पहले, नियमित रूप से खेल-गतिविधियों व व्यायाम करके स्वयं को स्वास्थ्य बनाये रखने की सुझाव देते है| यात्रा से एक माह पूर्व, आप किसी भी प्रकार की शारीरिक ट्रेनिंग जैसे तेज चलना, टहलना, सीढि़यों का चढ़ना आदि का अभ्यास करना चाहिए जो आपको यात्रा को सुविधाजनक बनाने में बहुत मदद कर सकता है।

चारधाम यात्रा के दौरान क्या मुझे चिकित्सा से समबधित सुविधाएं उपलब्ध होगी ? 

 चार धाम  यात्रा क्षेत्र उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा चिकित्सिक सुविधाओं से सुसज्जित है। सरकार ने चारधाम तीर्थयात्रियों की यात्रा आसान बनाने के लिए कई चिकित्सा केंद्र स्थापित किए हैं। किसी भी आपात स्थिति में आपको उपचार के लिए निकटतम चिकित्सा केंद्र तक पहुँचा जा सकता है।

चारधाम यात्रा के लिए  क्या व्यक्तिगत मेडिकल सर्टिफिकेट आवश्यक  है? 

यदि आप 50 वर्ष की आयु से ऊपर हैं, तो आपको एक चिकित्सा प्रमाण- पत्र की आवश्यकता होती है | क्यूंकि यात्रा प्रारम्भ करने से पूर्व, चारधाम अधिकारियों फिटनेस स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होता है। जिसके तहत चारधाम पर्यटक अधिकारी, आपातकालीन मामलों की संख्याओं का रिकॉर्ड रखने और उनको ट्रैक (निगरानी) आसानी से कर सकता है | साथ ही आपको बायोमेट्रिक पंजीकरण के लिए खुद को पंजीकृत करना भी आवश्यक है। 

चारधाम यात्रा की योजना बनाने से पहले आपको सुझाव दिया जाता है कि आप अपने डॉक्टर से सलाह लें और उचित चिकित्सीय जाँच करवाए तथा उच्च रक्तचाप के रोगियों (High BP), हृदय रोगी इसका विशेष ध्यान रखें और डॉक्टर द्वारा सुझायी गई नियमित दवाईयां और सावधानी बरतें | यह एक उच्च पर्वतीय स्थल पर होने वाली लम्बी यात्रा है | 

यात्रा के दौरान आपातकाल में  चिकित्सा के उपाय क्या हैं?

चारधाम अधिकारी और उत्तराखंड सरकार पर्यटन विभाग हमारे साथ यात्रा करने वाले प्रत्येक यात्री की उचित चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करता है। चारधाम यात्रा मार्ग पर 49 एंबुलेंस की व्यवस्था होगी आप आपातकालीन स्थिति में 108 नंबर पर फ़ोन करके एम्बुलेंस सेवा बुलवा सकते हो| यह सेवा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ अंबुमणि रामदास द्वारा आयोजित की गई थी आपातकालीन एम्बुलेंस बद्रीनाथ, पांडुकेश्वर, वासुकेदार, फाटा, सोनप्रयाग, हरसिल, रानाचट्टी और कंडीखाल में उपलब्ध है | 

चारधाम यात्रा के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता आवश्यकता होती है?

सभी सरकारी चिकित्सा सुविधाएं ऑक्सीजन सिलेंडर से सुसज्जित हैं। जो सभी यात्रियों के उपलब्ध है | जिसे यात्रा के दौरान, इसकी आवश्यकता हो सकती है।

क्या हृदय रोगियों के लिए यात्रा उपयुक्त है?

यह यात्रा हृदय रोगियों के लिए उपयुक्त नहीं है| जो लंबी दूरी की यात्रा को पूरा करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए हेलीकॉप्टर से यात्रा करना बेहतर होगा। हेलिकॉप्टर से चारधाम यात्रा में जोखिम कम होगा तथा दिल के रोगियों को अनावश्यक थकान से बचाएगा ।

चार धाम यात्रा के लिए यात्री की आयु सीमा क्या है?

चारधाम अधिकारियों द्वारा यात्रा हेतु कोई आयु सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन सुझाव के अनुसार मंदिर जाने के लिए 7 से 65 वर्ष के आयु बीच की सलाह दी जाती है। यदि आप अपनी यात्रा करने की योजना बना रहे हैं तो आप अपने डॉक्टर से अपना स्वास्थ्य चेकअप करा सकते हैं।

क्या वरिष्ठ नागरिक 60/70 की आयु से अधिक चारधाम यात्रा कर सकते हैं?

हां चारधाम यात्रा, वरिष्ठ नागरिकों द्वारा की जा सकती है,जो पूरी तरह से सुरक्षित और वरिष्ठ नागरिकों के लिए खुली हुई है। भारत सरकार द्वारा तीर्थयात्रियों के लिए उचित व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई गयी है | हेलिकॉप्टर्स, पोंसिस और डॉली के सहयोग से यात्रा में वरिष्ठ व्यक्तियों को सरलता के साथ,  सुरक्षित रूप से यात्रा पूरा करना आसान हो जाता है| बाकी आप हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श लें और उसके बाद ही यात्रा की योजना बनाएं।

‘माउंटेन सिकनेस’ Mountain sickness क्या है, और चारधाम यात्रा के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

सड़क मार्ग से चारधाम यात्रा बहुत तेज़ी से निचले से ऊँचे पर्वतीय मार्ग की ऊँचाइयों तक पहुँचती है, जिसके कारण घबराहट व चक्कर आना आम है। यदि आपको ज्यादा ही “माउंटेन सिकनेस  Mountain sickness” है तो आपको यह सुझाव दिया जाता है कि आप अपने डॉक्टर से परामर्श कर , उचित दवाइयाँ ले जाएँ।

चारधाम पैकिंग सूची :

यात्रा के दौरान कुछ आवश्यक सामान क्या होना चाहिए जिसे यात्री को साथ लाना चाहिए ?

उत्तराखंड में मौसम की स्थिति अचानक बदल जाती है। निचले स्थानों की अपेक्षा पर्वतीय क्षेत्रों के मौसम में काफी अंतर होता है उसके लिए आवश्यक है आप अपने जरूरत का सामान अपने साथ ही लेकर जायें | जिसकी सूची इस प्रकार है-

  • प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स 
  • नियमित दवाएं जो आप रोज ले रहे हैं
  • एंटीबायोटिक्स- सल्फैमेथॉक्साज़ोल, ट्राइमेथोप्रिम – बैक्टीरिया डीएस या सेप्ट्रान डीएस
  • एविल, ब्रूफेन, एस्पिरिन / टाइलेनॉल या सामान्य दर्द निवारक दवाई।
  • माउंटेन सिकनेस के लिए- अगर आपके पास थर्मल और गर्म कपड़े हों तो एसिटाज़ोलैमाइड (डायमॉक्स, डायमॉक्स सीक्वल) और / या डेक्सामेथासोन (AK-Dex, Ocu-Dex) जैसी दवाएं।
  • टॉयलेट और शेविंग किट, नेल क्लिपर, कैंची, स्विस चाकू, मोर्टिन,
  • ऊनी दस्ताने, मफलर, स्कार्फ, मंकी कैप जैसे शीतकालीन सामान
  • टॉर्च, अतिरिक्त बैटरी, चॉकलेट, पोर्टेबल चार्जर जैसी वस्तुओं को ले जाने के लिए एक बैकपैक
  • पानी की बोतल
  • छाता और रेनकोट
  • टॉयलेटरीज़ सम्बन्धी सामान 
  • पावर बैकअप
  • बिना- फिसलन वाले जूते / ट्रेकिंग – स्पोर्ट्स के जूते
  • चप्पल की अतिरिक्त जोड़ी
  • धूप का चश्मा
  • मच्छर प्रतिकारक क्रीम / लोशन
  • सनस्क्रीन, तेल तथा त्वचा एंटीबायोटिक क्रीम।
  • यदि आप नेविगेशन प्रयोग करने वाले व्यक्ति हैं , कम्पास को साथ रखे 

क्या चार धाम स्थलों में और उसके आसपास कोई एटीएम उपलब्ध है?

चारधाम क्षेत्र के मार्ग पर अक्सर एटीएम की सुविधा नहीं होती है। और पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क के कारण एटीएम में समस्या आ जाती है | देहरादून, हरिद्वार प्रमुख शहर हैं, जहाँ आप एटीएम आसानी से उपलब्ध हो जाते है | हम सभी यत्रियों को यात्रा के दौरान अतिरिक्त और पर्याप्त नकदी ले जाने की सुझाव देते है।

उत्तराखंड के पहाड़ों में कौन सा मोबाइल नेटवर्क काम करता है?

उत्तराखंड के पहाड़ों में सबसे विश्वसनीय नेटवर्क बीएसएनएल है जो सभी धामों में किसी भी नेटवर्क समस्या के बिना प्रयोग किया जाता है।अन्य विश्वसनीय नेटवर्क जो आप प्रयोग में ला सकते है – JIO, एयरटेल, आइडिया और वोडाफोन। कभी-कभी JIO के नेटवर्क तथा अन्य नेटवर्क भी नेटवर्क की समस्या आ जाती  हैं|  लेकिन आपको सुझाव दिया जाता है कि आप अपने  पास कोई अन्य नेटवर्क का बैकअप रखें |

चारधाम यात्रा के दौरान, हेलिकॉप्टर यात्रा से समबन्धित महत्वपूर्ण जानकारी :

चारधाम यात्रा में कितने यात्री, एक हेलीकाप्टर में एक साथ यात्रा कर सकते हैं?

अधिकतम 05 से 06 यात्री , एक साथ हेलीकाप्टर में यात्रा कर सकते हैं

चारधाम यात्रा में एक हेलीकाप्टर लिफ्ट और कितना भार उठा सकता है?

हेलीकाप्टर कुल 450 KG का अधिकतम भार उठा सकते हैं

यात्रा करने वाले व्यक्ति का अधिकतम वजन कितना होना चाहिए?

एक व्यक्ति का 75 KG अधिकतम वजन है, जो हेलीकॉप्टर में चार धाम यात्रा के लिए उड़ान सकते है |  बोर्डिंग के समय वजन में किसी तरह की विसंगति होने के कारण, (बिना किसी प्रतिक्रिया के) हेलीकाप्टर यात्रा रद्द हो जाएगी | कृपया प्रारंभिक प्रलेखन और दस्तावेज में अपना वास्तविक वजन ही भरकर जमा करें| इन मामलों में “विमान यात्रा नियम” सख्त हैं।

चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर में उड़ान भरते समय अतिरिक्त भार शुल्क कितना होगा?

यदि किसी भी यात्री का 75 किलोग्राम वजन से अधिक है तो “हेलीकॉप्टर विमानन नियमों के अनुसार. प्रति व्यक्ति 1200 रुपए का अतिरिक्त शुल्क भुगतान करना होगा ।

क्या हेलीकॉप्टर यात्रा के दौरान व्यक्तिगत सामान लाने की अनुमति देता है और अधिकतम सामान वजन लाने की अनुमति कितनी है ?

हेलीकॉप्टर के माध्यम से की जाने वाली यात्रा  के दौरान प्रति यात्री केवल 5 किलो सामान ले जा सकते हैं। क्यूंकि हेलीकाप्टर में सामान रखने की व्यवस्था सीमित होती है | “विमानन नियम” यात्रा में यह नियम सख्त हैं| इसिलिय आप तय नियमों से अतिरिक्त वजन नहीं रख सकते हैं।

हेलीकॉप्टर यात्रा के लिए पिक-अप (Pick-up)/ ड्रॉप ऑफ (Drop off) स्थान कौन सा है ?

चारधाम यात्रा के लिए हमारे रास्ते में आने वाले पिकअप और ड्रॉप ऑफ पॉइंट देहरादून एयरपोर्ट, देहरादून बस स्टैंड, हरिद्वार रेलवे स्टेशन और देहरादून रेलवे स्टेशन हैं।

हेलीकाप्टर यात्रा के लिए बच्चों के लिए आयु सीमा क्या है?

2 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों के लिए टिकट की आवश्यकता नहीं है। लेकिन जिन बच्चों की आयु 2 वर्ष से अधिक उनकी पूरी टिकट लगती है। साथ ही 2 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों की जन्मतिथि जाँच दस्तावेज के रूप में आधार कार्ड अवश्य साथ लेकर जाएं।

हेलीकॉप्टर द्वारा चारधाम यात्रा करने के क्या लाभ है ?

हेलीकॉप्टर से चारधाम यात्रा करने पर कई लाभ हैं जैसे आपकी यात्रा का समय अपेक्षाकृत कम हो जायेगा | आप ज्यादा से ज्यादा स्थानों पर जाने का आनंद प्राप्त होगा | सबसे महत्वपूर्ण बात अगर आपकों स्वास्थ्य की समस्या है तथा ज्यादा लम्बी यात्रा नहीं कर सकते हैं ,तो हेलीकॉप्टर के माध्यम से आप अपनी यात्रा को आसान बना सकते हैं।

चार धाम यात्रा में वीआईपी दर्शन का क्या अर्थ है ?

‘वीआईपी दर्शन’ जिसे ‘प्रायोरिटी दर्शन’ के नाम से भी जाना जाता है| इस स्थिति में हेलीकॉप्टर से यात्रा करने वाले साथियों को प्राथमिकता दी जाती है कि वह पहले दर्शन करें या कहें इसे हेलीकाप्टर पैकेज के साथ जोड़ा गया है| ताकि उनका समय कम लगे | केदारनाथ और बद्रीनाथ में वीआईपी दर्शन का प्रावधान है|

चारधाम यात्रा को बुक करने से सम्बंधित जानकारी :

मेरा चार धाम यात्रा बुक करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?

चारधाम यात्रा बुक करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने टूर ऑपरेटर से संपर्क कर, उनसे मदद लें। कई चारधाम यात्रा ऑपरेटर, परिवहन, आवास और भोजन के साथ अच्छे पैकेज उपलब्ध करवाते है। आप आवासीय और अन्य सुविधाओं  की गुणवता तथा अपने बजट के अनुसार बुकिंग विकल्प का चुनाव कर सकते है। साथ ही आप अपने समूह में व्यक्तियों के नंबर के साथ, वाहन का  पैकेज को भी बुक कर सकते हैं जिसमें एक सामान्य टैक्सी, एसयूवी, टेम्पो ट्रैवलर या बस आदि शामिल है यह सुविधा भी आसानी से उपलब्ध हो जाती है| तथा आप बुकिंग नियम के अनुसार ऑनलाइन भुगतान करके पैकेज बुक कर सकते है| 

विश्वसनीय “चारधाम यात्रा ऑपरेटर” समय-समय पर्याप्त जानकारी देते रहते है- जिसमें अधिकारियों द्वारा घोषित नियम, समाचार बुलेटिन, मौसम की रिपोर्ट, वीआईपी और प्राथमिकता दर्शन, यात्रा से पहले और दौरान ग्राहक सेवा इत्यादि।आप समय की बचत हेतु हेलीकॉप्टर द्वारा चारधाम यात्रा का विकल्प भी बुक कर सकते हैं। 

chardhabyhelicopter.com हेलीकॉप्टर द्वारा सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध करवाते है|

“ट्रेक एन टेल्स”(TREK N TALES) चारधाम यात्रा के लिए एक विश्वसनीय चारधाम यात्रा ऑपरेटर है। “ट्रेक एन टेल्स” 15 साल से अधिक समय से चारधाम, दो धाम और एक धाम यात्रा का संचालन कर रहे है यह एक विश्वसनीय कंपनी है।

क्या चारधाम यात्रा के पैकेज में भोजन शामिल होता है?

हां, यात्रा पैकेज में भोजन शामिल होता हैं। आप पैकेज बुक करते समय, “यात्रा ऑपरेटर” से भोजन-योजना से समबन्धित सम्पूर्ण जानकारी  प्राप्त कर लें।

क्या यात्रा के दौरान कुछ अतिरिक्त भुगतान भी किया जाता है ?

आपके पैकेज के अनुसार जिसमें- पोनी, पालकी हेलीकॉप्टर, टैक्सी शामिल होते है। जिनका भुगतान आप पैकेज के अनुसार कर देते | उसमें आपको कोई अन्य अतिरिक्त भुगतान नही देना होता है| परन्तु व्यक्तिगत पैकेज बुक करते हुए, उनकी विस्तृत जानकारी आप पहले ही “यात्रा ऑपरेटर” से प्राप्त कर लें|

चार धाम की यात्रा के लिए, यात्रियों की न्यूनतम संख्या क्या है?

कोई भी व्यक्ति चारधाम की यात्रा कर सकते है, यानी एक व्यक्ति से लेकर, यात्रियों के समूह तक सभी यात्रा कर सकते है| किन्तु व्यक्तियों की संख्या के अनुसार यात्रा/पैकेज की लागत बढ़ व घट सकती है |